मात्र 3 साल की उम्र से ही उन्होंने शास्त्रीय नृत्य कथक सीखना शुरू कर दिया था और 8 साल की उम्र तक वह एक प्रशिक्षित कथक नर्तकी बन चुकी थीं।
उनकी पहली फिल्म 'अबोध' (1984) बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, लेकिन आलोचकों ने उनके अभिनय की प्रशंसा की। इसके बाद के कुछ साल उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे। madhuri dixit ki chudai kahani
माधुरी का फिल्मी सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। कॉलेज के पहले छह महीनों के बाद ही उन्हें राजश्री प्रोडक्शंस से फिल्म का प्रस्ताव मिला और उन्होंने पढ़ाई छोड़कर अभिनय को अपना करियर चुना। madhuri dixit ki chudai kahani
असली सफलता 'तेजाब' (1988) के गाने "एक दो तीन" से मिली, जिसने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। madhuri dixit ki chudai kahani